विश्व में भारत उच्च महान||
शिक्षा नीति और विज्ञान|
सहने की शक्ति है जिसमे|
वो देशभक्त कहलाया है||
अपने को नीचे करके किया था सम्मान|
कई थे जो रत्नो में एक रत्न|
विवेक, सुभाष, अंबेडकर वो अमन||
जाती-पाति का बंधन तोड़ा|
बनाया समाज को एक समान||
बड़े प्यार सा सींचा है सबने| ये प्यार भरा गौतम का चमन||
शांति, अमन का देश हमारा| गंगा, यमुना, सरस्वती की धारा||
जन-जन में नवयुग का ज्ञान| राम, कृष्ण अर्जुन का शान||
भारत में अब आबादी| दुख संकट से हुई बरबादी||
छीन, झपट और लूटपाट में| भारत का सम्मान घटा||
कुर्सी स्वार्थ के खेल में| झूँठा बोल का सिंघासन जुटा||
बिना रिश्वत का कम नही| रिश्वत बिना प्रमाण नही||
बड़े-बड़ों में खूब बढ़ा| ग़रीब-ग़रीबों में गिर रहा||
बिना रिश्वत का साइन नही| प्रशासन में जान नही||
प्रशासन को सब करो सलाम| तब होगा समस्या का निदान||
