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		<title>अंक- ११७७ पेज १</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:26:13 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[गरीबों का दर्द (अतिक्रमण) झारखण्ड राजय में विकास की गति तेज होती नजर आ रही है। इसके साथ ही गरीबों का दर्द बढ़ती नजर आ रही। हालांकि विकास करना भी [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/01.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2568" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/01.jpg" alt="01" width="400" height="550" /></a><strong>गरीबों का दर्द (अतिक्रमण)</strong><br />
झारखण्ड राजय में विकास की गति तेज होती नजर आ रही है। इसके साथ ही गरीबों का दर्द बढ़ती नजर आ रही। हालांकि विकास करना भी एक अहम मुद्दा है। सरकार द्वारा चलाई गई अतिक्रमण हटाओ को लेकर गरीबों के लिए सिर दर्द साबित हो रहा है। अतिक्रमण से न जाने कितने जनता को जीना मुहाल हो गया है। दुमका बस स्टैंड रोड शराब की दुकान के सामने तीन-चार टेला लगाकर किसी तरह से अपना व अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था, लेकिन इसकी नजर सरकार एवं प्रषासन को पड़ गई, और वहाँ उसका ठेला व गुमटी को बंद कर दिया गया और आज उसके परिवार भुखमरी वाली जिन्दगी जी रहे है। जबकि शराब दुकान में शराब पीना बंद न होके उन गरीब परिवार पर पेट में लात मार दिया।</p>
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		<title>अंक- ११७७ पेज २</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:25:07 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[अब वे बेचारे के जिन्दगी मं अंधेरा सा छा गया है। सरकार गरीब जनता से क्या चाहती है? आखिर सुखवाली जिन्दगी गरीब का ना देकर उन्हें और नीचे की ओर [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/02.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2565" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/02.jpg" alt="02" width="400" height="550" /></a>अब वे बेचारे के जिन्दगी मं अंधेरा सा छा गया है। सरकार गरीब जनता से क्या चाहती है? आखिर सुखवाली जिन्दगी गरीब का ना देकर उन्हें और नीचे की ओर धकेल रही है। जब उन्हें वहाँ से हटाने का निर्णय लेना ही था तो इस गरीब परिवार के विषय में पहले कुछ-ना-कुछ इंतजाम कर देना था, लेकिन ऐसा न हो कर उन्हें सिर्फ हटाने का कार्यक्रम हो रहा है। मना की शराब पीकर वहाँ सड़क पर अक्सर बदमजी करते नजर आते थे। इसका यह मतलब थोड़े ही सकते है कि इसके बदले गरीब के पेट पर लात मार दिया जाए। जब ऐसा करने का रखना ही था तो पहले हमेषा के लिए गरीब के प्रति ठेला लगाने का भी व्यवस्था कहीं न कहीं कर देनी चाहिए थी, ताकि वह अपने अगर सरकार गम्भीरता न लिया तो वह दिन दूर कि विकास की गति में बाधा पहुँचे क्यों बचाने के लिए कुछ-न-कुछ उपाय जरूर सोचे अब यह मालूम किसी को नहीं है कि वह उपाय सच की होगी या फिर बेमानी की राह। क्योंकि सच की राह पर यह चलकर सामना कर चुके हैं। इसलिए जल्द ही इसका उपाय कर देना चाहिए।</p>
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		<title>अंक- ११७७ पेज ३</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:22:42 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[गर्मी में हुई पानी की किल्लत - दुमका, दीन दलित:- दुमका एवं इसके आस-पास क्षेत्रों में गर्मी के दिन में पीने की पानी को लेकर परेषानी बन कर रह गई। [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/03.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2561" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/03.jpg" alt="03" width="400" height="550" /></a><strong>गर्मी में हुई पानी की किल्लत -</strong><br />
दुमका, दीन दलित:- दुमका एवं इसके आस-पास क्षेत्रों में गर्मी के दिन में पीने की पानी को लेकर परेषानी बन कर रह गई। दुमका बेहराबांक पंचायत के बागडूब्बी गाँव में एक ही चापाकल से ग्रामीण पानी पीने में विवष है। बागडूब्बी के ग्रामीण विवषता वाली जीने के मजबूर है। इस गाँव में कम-से-कम हजार से ज्योद लोग है। यहाँ कुल तीन टोला है। तीनों टोलों में हालांकि तीन चापाकल लगाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद दो टोला के चापाकल खराब है गया और आज खराब पड़ा हुआ है। तीनों टोला के ग्रामीण एक ही चापाकल के पानी अभी पी रहे। ग्रामीणों के अनुसार यह चापाकल में भी दूषित पानी निकल रहा है, इसी पानी पिने के लिए ग्रामीण मजदूर है। वहाँ के ग्रामीणों ने इस विषय पर मुखिया जी कई बार गुहार लगा चुके हैं। जबकि इस गाँव में पानी अहम् मुद्दा बन गई फिर भी इस विषय पर मुखिया जी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वहाँ के ग्रामीण मजबूरन सामने वह रही जोरिया से नाहना, धोना एवं आदि के उपयोग में लाते हैं।</p>
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		<title>अंक- ११७७ पेज ४</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:21:26 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[दुमका शहर में अतिक्रमण हटाओं के डर से कई दुकाने रही बंद - दुमका, दीन दलित:- दुमका उपराजधानी की शहर से प्रषासन की ओर से अतिक्रमण हटाओं अभियान जोरों-षोरों से [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/04.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2558" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/04.jpg" alt="04" width="400" height="550" /></a><strong>दुमका शहर में अतिक्रमण हटाओं के डर से कई दुकाने रही बंद -</strong><br />
दुमका, दीन दलित:- दुमका उपराजधानी की शहर से प्रषासन की ओर से अतिक्रमण हटाओं अभियान जोरों-षोरों से चला। गुरूवार दुमका के मेन रोड से दुकानों के होर्डिग, गुमटी, आदि सामानों को उखाड़कर नगर परिषद कार्यालय में ले गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान से दुमका बाजार की आधी दुकाने बंद नजर आयी। गुरूवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान में दुकानदारों पर पुलिस का डंडा चला। विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर थाना प्रभारी के नेतृत्व काफी संख्या में पुलिस बल मौजुद थे। जिला प्रषासन ने दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम देने बावजूद भी दुकानदारों ने अतिक्रमण को नहीं हटाया। दुमका उपायुक्त हटाने का निर्देष दिया था। प्रषासन के द्वारा दुमका शहर के दुकानदारों को कई बार अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया था। फिर भी दुुकानदारों ने अतिक्रमण को नहीं हटाया था इसलिए मजबूरन प्रषासन को पुलिस बल के साथ दुमका शहर के दुकानदारों की होर्डिग, गुमटी आदि समानों को उखाड़कर ले गया। दुमका शहर के मेनरोड में दुकान के सामने बक्सा एवं अन्य समान दुकान के सामने लगा कर सड़क के चैड़ीकरण को कम कर दिया था।<br />
पोषाक नही मिलने से छात्रों ने किया सड़क जाम -</p>
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		<title>अंक- ११७७ पेज ५</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:20:16 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[दुमका, दीन दलित:- सड़क जाम अब आम बात बन गई, जबतक सड़क जाम नहीं किया जाएगा तब तक प्रषासन एवं सरकार तक आवाज नहीं पहुँचगी सरकार की इस रवैये अब [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/05.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2555" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/05.jpg" alt="05" width="400" height="550" /></a><strong>दुमका, दीन दलित:-</strong> सड़क जाम अब आम बात बन गई, जबतक सड़क जाम नहीं किया जाएगा तब तक प्रषासन एवं सरकार तक आवाज नहीं पहुँचगी सरकार की इस रवैये अब तो छोटे-छोटे स्कूल छात्रा में यह बात समझ चुकी है। इसलिए रामगढ़ मध्य विद्यालय के छात्रों ने पोषाक नहीं मिलने से सड़क पर उतर गये। रामगढ़-हँसडीहा जाम कर अपनी आवाज को सरकार तक पहुँचाने की कोषिष की। छात्रों ने बताया कि विगत् 2 महीने से विद्यालय में एमडीएम सुचारू ढंग से नहीं चल रहा है। छात्रों के अनुसार सप्ताह में दो दिन मध्याम भोजन में अण्डा देने की जगह फल दिया जाता है। इधर विद्यालय के सचिव का कहना है कि पोषाक के लिए 45,600 की राषि प्राप्त हुई थी। सरकार के निर्देषानुसार पहले छात्रों को पोषाक दिया जा सका है। फल देने के विषय में उन्होंने कहा कि अधिकतर छात्रा अण्डा के जगह फल ही पंसद करते है। जाम कर रहे 9 बजे से एक बजे तक जाम कर रहे छात्रों को समझाने के कोई पदाधिकारी नहीं पहुँची थी। दो बजे के बाद छात्रों के पास एसआई के नेतृव्य में पहंुची पुलिस ने जाम कर रहे छात्रों को समझा-बुझाकर जाम को हटवाया। इधर बीईओ ने बताया कि पोषाक की राषि विभाग में आवंटन हो चुकी है एक सप्ताह के अन्दर वितरण कर यिा जाएगा।<br />
एएनएम कर्मचारी संघ की बैठक</p>
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		<title>अंक- ११७७ पेज ६</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:19:07 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[दुमका, समाचार:- दुमका बुधवार को सदर प्रखण्ड अध्यक्ष मोनिका मराण्डी की अध्यक्षता एक बैठक की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया की मुख्यमंत्राी के दुमका आगमन के अवसर पर [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/06.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2551" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/06.jpg" alt="06" width="400" height="550" /></a>दुमका, समाचार:- दुमका बुधवार को सदर प्रखण्ड अध्यक्ष मोनिका मराण्डी की अध्यक्षता एक बैठक की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया की मुख्यमंत्राी के दुमका आगमन के अवसर पर संघ की एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करेगी। बैठक में सदर प्रखण्ड अध्यक्ष मोनिका मराण्डी ने कहा कि बिहार में नियमित किये जाने का भी प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में सदस्यों ने कहा कि राज्य में हजारों पद रिक्त है, फिर भी सरकार हमारी सेवा को समायोजित कर स्थाई नहीं कर रही है। श्रीमति मराण्डी ने कहा कि कब तक हम यू ही अनिष्चित झटकते रहेंगे। जबकि हम सभी प्रषिक्षण प्राप्त है, तथा अनुभव भी प्राप्त है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार में एनआर एचएम के तहत अनुबंध पर बहाल एएनएम को 15000 हजार रूपये मानदेय प्रति माह दिया था रहा है। जबकि झारखण्ड में 10400 दिये जाने का प्रस्ताव है।</p>
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		<title>अंक- ११७७ पेज ७</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:15:43 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[विभिन्न विकास योजनाओं की उपायुक्त ने की निरीक्षण:- दुमका, समाचार:- शनिवार को दुमका उपायुक्त ने दुमका सदर प्रखण्ड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान उपायुक्त ने पदाधिकारियों और [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/07.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2548" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/07.jpg" alt="07" width="400" height="550" /></a><strong>विभिन्न विकास योजनाओं की उपायुक्त ने की निरीक्षण:-</strong><br />
दुमका, समाचार:- शनिवार को दुमका उपायुक्त ने दुमका सदर प्रखण्ड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान उपायुक्त ने पदाधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी समस्याओं केा लेकर आनेवाले आम लोगों की समस्याओं का समाधान पारदर्षिता बरतने हुए निष्ठापूर्वक एवं ईमानदारी के साथ करने का निर्देष दिया। उपायुक्त ने  योजना समीक्षा करते हुए कहा कि जैसा योजना का चयन किया जाए जो निर्विवाद रूप से पूर्ण कराया जा सके। उपायुक्त ने निर्देष दिया कि कर्मचारी कोई भी कार्य अपने पास लम्बित ने रखे तथा उक्त कार्यों के बिना विलम्ब किये उच्चाधिकारी के समक्ष पेष करे। अन्यथा भ्रष्टचार से संबंधित षिकायत प्राप्त होने पर संबंधित कर्मियों के विरूद्ध  तत्काल अनुषासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त समीक्षा के दौरान निर्देष दिया गया कि लाभुको द्वारा योजना पूर्ण नही कराये जाने पर संबंधित लाभुकों के विरूद्ध नीलाम वाद अथवा नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराया जाएगा। आँगनबाड़ी सेविका/सहायिका बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को नियमानुसार आम सभा आयोजित कर उक्त पर योग्य व्यक्तियों का चयन करने का निर्देष दिया, ताकि आनेवाला समय में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। नरेगा योजना की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने वर्षों से लम्बित पड़ी योजना की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी लम्बित योजनाओं को अविलम्ब पूरा करा कर एमआईएस प्रविष्टि कराने का निर्देष दिया। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि</p>
]]></content:encoded>
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		<title>अंक- ११७७ पेज ८</title>
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		<pubDate>Tue, 19 May 2015 07:12:36 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[सरकारी बस डिपो की जमीन अतिक्रमण करने वाले को पुलिस ने बाहर निकाला:- दुमका, समाचार:- दुमका सरकारी बस पड़ाव की जमीन अतिक्रमण करने आये बिहार राज्य के बांका जिला के [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/08.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2544" src="https://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/05/08.jpg" alt="08" width="400" height="550" /></a><strong>सरकारी बस डिपो की जमीन अतिक्रमण करने वाले को पुलिस ने बाहर निकाला:-</strong><br />
दुमका, समाचार:- दुमका सरकारी बस पड़ाव की जमीन अतिक्रमण करने आये बिहार राज्य के बांका जिला के अन्तर्गत बौंसी, पूर्णिया, कटिहार, साहिबगंज, बोरियो, बरहेट, पष्चिम बंगाल एवं दुमका जिले के आदिवासियों को शनिवार को पुलिस सरकारी बस पड़ाव से खदेड़ कर बाहर निकाला। पुलिस बल ने सरकारी बस पड़ाव में घुसकर पहले अमिक्रमणकारियों पारंपारिक हथियार तीर धनुष, कटारी, दांव सहित जेनरेटर, टेन्ट-तम्बू के तिरपाल के साथ अतिक्रमणकारियों के कपड़े, चावल, दाल समेत अन्य समान जब्त कर सभी को बस पड़ाव के जमीन से बाहर खदेड़ निकाला। 300 की संख्या में आम्र्स फोर्स से दुमका सरकारी बस पड़ाव तब्दील हो चुकी थी। 300 की संख्या में आये पुलिस में महिला एवं पुरूष शामिल थे। सरकारी बस पड़ाव के जमीन खाली कराने के लिए सात थाने की पुलिस दुमका पहुँचे थे। शनिवार को पुलिस ने 37 अतिक्रमणकारियों गिरफ्तार कर जामा थाना लया गया था। दुमका के उपायुक्त ने बताया कि सरकारी बस पड़ाव की जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेज दिया गया था। इसके बाद भी जमीन को खाली नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि बस पड़ाव के जमीन की नापी कि जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
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		<title>अंक- ११७५ पेज १</title>
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		<pubDate>Wed, 29 Apr 2015 03:32:22 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[पिछला संस्करण]]></category>

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		<description><![CDATA[सच्चाई और ईमानदारी (एक कड़ी सदा) सरकार ने सच्चाई और ईमानदार व्यक्ति के साथ अच्छाई न करने की कसमें खा रखी है, तभी तो दिन-ब-दिन गुजरने के बावजूद भी एक [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="http://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/04/014.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2451" src="http://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/04/014.jpg" alt="01" width="400" height="550" /></a><strong>सच्चाई और ईमानदारी (एक कड़ी सदा)</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सरकार ने सच्चाई और ईमानदार व्यक्ति के साथ अच्छाई न करने की कसमें खा रखी है, तभी तो दिन-ब-दिन गुजरने के बावजूद भी एक दलित एवं भूमिहीन दीन दलित के पूर्व सम्पादक स्वõ गौरी शंकर रजक के परिवार के साथ सरकार सतौला व्यवहार कर रही है। वह दिन अभी तक नसीब नहीं हुआ। पूर्व सम्पादक के परिवर को जिस दिन का वे इन्तजार कर रहे थे। लाल कार्ड एवं राषन कार्ड गरीबों के लिए ही बनाया गया है, लेकिन सिस्टम में भ्रष्टाचार की जंग लगने से सारा खेल उल्टा पड़ा धरा है। जिसको जिस चीज के लिए बनाया गया है, उसे उसी चीज से कोसों दूर रखा गया है।</p>
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		<title>अंक- ११७५ पेज २</title>
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		<pubDate>Wed, 29 Apr 2015 03:31:11 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[wp-admin]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[पिछला संस्करण]]></category>

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		<description><![CDATA[दीन दलित के पूर्व सम्पादक के परिवार के साथ भी यही हुआ। पूर्व सम्पादक ने अपने तन-मन-धन से जनता एवं प्रषासन का सेवा किया, बदले में सरकार ने उन्हें सारे [&#8230;]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><a href="http://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/04/024.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-2448" src="http://deendalit.org/wp-content/uploads/2015/04/024.jpg" alt="02" width="400" height="550" /></a>दीन दलित के पूर्व सम्पादक के परिवार के साथ भी यही हुआ। पूर्व सम्पादक ने अपने तन-मन-धन से जनता एवं प्रषासन का सेवा किया, बदले में सरकार ने उन्हें सारे सरकारी परियोजना से कोसों दूर रखा, यहाँ तक कि आज तक उस परिवार को एक राषन कार्ड की नसीब नहीं है। और नहीं उस परिवार के कोई भी सदस्य का नाम बी.पी.एल. सूची नाम दाखिल हो पाया है। उस परिवार के घर में न ही एक बिजली का बल्ब कही नजर आते हैं। हाँ सरकार ने यह कार्य अवष्य किया है, पूर्व सम्पादक के अगल-बगल, जमीन जायदाद वाले परिवार को दो-दो राषन, कार्ड (एक वार्ड में एक पंचायत के अन्तर्गत में) उपलब्ध कराये हैं, जबकि उस परिवार को इसकी आवष्यकता भी नहीं है, फिर भी उन्हें उनका लाभ सरकार देने में पीछे नहीं है। एक सच्चाई एवं बापू की राह में चलने वाले परिवार को सरकार ने कड़ी सजा दे रखी है। उन्होंने ईमानदारी और सच्चाई के राह में चलते-चलते अपने प्राण त्याग दिये। पूर्व सम्पादक के पत्नी को न आज तक वृद्धा पेंषन मिल पाये हैं। सरकार सिर्फ विकास की पहिया जोड़ रहे हैं, उन्हें प्रवाह नही है कि भ्रष्ट सिस्टम के वजह से आज तक इस तरह का कितने परिवार को इस मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इसका अंदाजा शायद नहीं लगाया जा सकता है। लोग प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों से वात्र्तालाप करते-करते हार चुके है, लेकिन फिर भी भ्रष्ट सिस्टम का जंग ज्यों का त्यों है। इसका उपाय जल्द ही करने का निर्णय सरकार को लेना चाहिए ताकि सबके सब विकास से जुड़ सके।</p>
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